जब मैं प्यार करता हूँ
मुझे लगता है कि मैं समय का राजा हूँ
मैं पृथ्वी और उसके पर मिलने वाली हर वस्तु का स्वामी हूँ
और मैं अपने घोड़े पर बैठ सूर्य तक जाता हूँ।
जब मैं प्यार करता हूँ
मैं तरल प्रकाश बन जाता हूँ
आँखों से अदृश्य हो जाता हूँ
और नोटबुक में मेरी कविताएँ
मिमोसा और अफीम के खेत बन जाते हैं।
जब मैं प्यार करता हूँ
मेरी उंगलियों से पानी टपकता है
मेरी जीभ पर घास उग जाती है
जब मैं प्यार करता हूँ
मैं समय के बाहर का समय बन जाता हूँ।
जब मैं एक औरत से प्यार करता हूँ
सभी पेड़
नंगे पाँव मेरी तरफ़ दौड़ते है...।
--निज़ार कब्बानी
मुझे लगता है कि मैं समय का राजा हूँ
मैं पृथ्वी और उसके पर मिलने वाली हर वस्तु का स्वामी हूँ
और मैं अपने घोड़े पर बैठ सूर्य तक जाता हूँ।
जब मैं प्यार करता हूँ
मैं तरल प्रकाश बन जाता हूँ
आँखों से अदृश्य हो जाता हूँ
और नोटबुक में मेरी कविताएँ
मिमोसा और अफीम के खेत बन जाते हैं।
जब मैं प्यार करता हूँ
मेरी उंगलियों से पानी टपकता है
मेरी जीभ पर घास उग जाती है
जब मैं प्यार करता हूँ
मैं समय के बाहर का समय बन जाता हूँ।
जब मैं एक औरत से प्यार करता हूँ
सभी पेड़
नंगे पाँव मेरी तरफ़ दौड़ते है...।
--निज़ार कब्बानी
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